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आगरा, उत्तर प्रदेश। कर्मचारी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग को लेकर गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल से मुलाकात कर जोरदार आवाज उठाई। प्रांतीय अध्यक्ष राजीव यादव और महामंत्री अरविंद धनगर के नेतृत्व में एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को ज्ञापन सौंपने से पहले बुके और अंग वस्त्र भेंट कर उनका सम्मान किया। 
नई पेंशन योजना के खिलाफ जारी है आंदोलन
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2004 और यूपी सरकार ने 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों व शिक्षकों के लिए नई पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) लागू की थी। इस नीति के विरोध में प्रदेश भर के कर्मचारी संगठन लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। कर्मचारी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी इसी संघर्ष के तहत मंत्री से सीधी बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे ये प्रमुख चेहरे
इस मौके पर एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार राजपूत, रामविलास यादव, गिरेंद्र सिंह बघेल, प्रधानाचार्य पूरन सिंह पाल, अरुण कुमार, मनोज कुमार, महेंद्र प्रताप सिंह समेत जिला अध्यक्ष राजीव वाल्मीकि, शशांक होलकर, दिनेश प्रताप सिंह और विपिन कुमार जैसे दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे। 
संघर्ष जारी रहेगा”: एसोसिएशन
प्रांतीय अध्यक्ष राजीव यादव ने कहा, “नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं करती।” एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू होगा।
क्या है मांग?
– 2004 (केंद्र) और 2005 (यूपी) के बाद नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ।
– एनपीएस को तत्काल रद्द करने के लिए कानूनी अधिसूचना जारी करना।
– पेंशनभोगियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना।
इस मुलाकात को एसोसिएशन की ओर से “संघर्ष का निर्णायक चरण” बताया गया है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।









