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February 17, 2026 4:00 am

मौसम में परिवर्तन से 50 शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा हैं।

बकेवर। मौसम में परिवर्तन से 50 शैय्या अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा हैं। धूप गर्मी का असर वातारवरण पर पड़ने से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। गुरुवार को 50 शैय्या अस्पताल में तीन सौ से अधिक मरीज उपचार के लिए आये। बुधवार को भी 177 नए व करीब डेढ़ सौ पुराने पर्चे के मरीज उपचार के लिए आये।

कस्बा के 50 शैय्या अस्पताल में व्यवस्थाएं अभी भी दो साल बाद भी ढर्रे पर नहीं आ पा रही हैं।उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अभी भी 50 शैय्या अस्पताल में रुई और सुई का ही उपचार लोगों को मिल पा रहा है।करोड़ों रुपये के उपकरण अस्पताल में ताले में बन्द रखे कबाड़ हो रहे हैं। इस कारण यहाँ आने वाले ज्यादातर गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय पर भागना पड़ता है। अस्पताल में सामान्य तौर पर खांसी जुकाम बुखार के मरीजों का ही उपचार मिल पा रहा है। अन्य किसी भी स्थिति में एक्सरे, या कोई ऑपरेशन या जैसी स्थिति के लिए अभी भी मरीजों को 20 से तीस किमी जिला मुख्यालय पर ही जाना पड़ता है।

अस्पताल खुलने के बाद से इस बकेवर लखना, कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बीमार होने की स्थिति में अच्छे उपचार के लिए आस बंधी थी। परंतु शाषन से अस्पताल में स्टाफ तैनात हुए लगभग दो वर्ष जून माह में हो जाएंगे। लेकिन अभी तक अस्पताल में मरीजों को दो साल में भी रुई और सुई मिलने जैसा ही उपचार मिल पा रहा है।

कस्बा निवासी आलोक मिश्रा का कहना है कि अस्पताल में इतने समय बाद भी उपचार की कोई विशेष सुविधा शुरू नहीं हो सकी। अस्पताल में तैनात एक दो चिकित्सक को छोड़ दे तो कई चिकित्सक तो नियमिय और समय पर भी नहीं आतें।

कस्बा के दीपू दुबे का कहना है कि 50 शैय्या अस्पताल में दो साल में भी उपचार के लिए जाने पर केवल खाँसी जुकाम बुखार का ही उपचार मरीजों को मिल रहा है।गंभीर स्थिति होने पर अन्य कोई सुविधा रेफर के अलाबा नहीं है।फैक्चर आदि होने की स्थिति में एक्सरे की सुविधा भी दो साल में नहीं हो पाई। करोड़ों की कीमत के फिजियोथेरेपी, आपरेशन, परीक्षण आदि से सम्बंधित उपकरण अस्पताल के कमरों में बन्द पड़े कबाड़ हो रहे हैं। और मरीजों को 20 से 30 किमी दूर जिला मुख्यालय पर जाना पड़ रहा है।

 

50 शैय्या अस्पताल के सीएमएस वीरेंद्र भारती का कहना है कि अस्पताल में 24 घण्टे की इमरजेंसी सेवा चल रही है। अस्पताल में दो ईएमओ कम है। शाषन से अस्पताल में और चिकित्सकों व फार्माशिष्ट की माँग लगातार की जा रही है।सभी चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को नियमित व समय से आने को निर्देशित किया जा चुका हैं।अस्पताल में तैनात सर्जन पहले मेडिकल पर थे अब गैरहाजिर हैं।

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Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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