साम्हों,संवाददाता। भरथना तहसील क्षेत्र की इकलौती कृषि उत्पादन मण्डी समिति के सैकड़ों कच्चे पक्के गल्ला आढ़तियों ने मंगलवार को सुबह मण्डी के मुख्य गेट में ताला जड़ कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसके कारण मण्डी में पहुंचने वाले किसानों को अपनी गेहूं लाह की फसल लेकर जहां की तहां खड़ा होना पड़ा। मण्डी गेट पर गल्ला आढ़तियों के धरना प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय व मण्डी प्रशासन में हड़कम्प मच गया।
मण्डी समिति के गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठे मण्डी के कच्चे पक्के सौ से अधिक गल्ला आढ़तियों का आरोप है कि मण्डी की एक नामजद फर्म द्वारा सौ से अधिक गल्ला आढ़तियों से विगत वर्ष करोड़ो रूपए का धान खरीदा गया था और नामजद फर्म ने पौने दो वर्ष बाद भी उनका भुगतान नहीं किया। भुगतान मांगने पर नामजद फर्म का मालिक और उसके कर्मचारी आढ़तियों को टहलाने में लगा रहते है। जबकि आढ़तियों को धान का भुगतान किसानों को भी करना है। जिसके कारण आढ़ती भी अत्यंत परेशान हैं।
आढ़ती अनुज यादव, सर्वेंद्र कुमार, सुरेंद्र सिंह आदि आढ़तियों ने मण्डी समिति गल्ला आढ़ती संघ के अध्यक्ष पर नामजद फर्म से सांठ गांठ और मिली भगत का गम्भीर आरोप लगाया है। मण्डी अभिसंरक्षक सर्वेश तिवारी और मण्डी इंस्पेक्टर प्रीति ने आक्रोशित गल्ला आढ़तियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन सुबह से ताला बन्द गेट आढ़तियों ने 4 घंटे तक नहीं खुलने दिया।
धरना विरोध प्रदर्शन के दौरान आढ़ती रामौतार यादव,नवनीत यादव, रणवीर सिंह,बोबी यादव,राज कुमार,प्रदीप यादव,टिंकू चौहान,सर्वेंद्र यादव,सुभाष चंद यादव, राकेश चंद यादव,रवि यादव,जयवीर यादव आदि एक सैकड़ा से अधिक गल्ला आढ़ती मौजूद रहे और विरोध प्रदर्शन करते रहे।
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भरथना कृषि उत्पादन मण्डी समिति के गेट में ताला जड़कर गल्ला आढ़तियों के विरोध प्रदर्शन के चलते मण्डी में अपनी गेहूं लाह की फसल बिक्री को पहुंचने वाले किसानो को अपने ट्रेक्टर ट्राली, छोटा हाथी लोडर, पिकअप के साथ बीच सड़क पर ही कतारबद्ध खड़ा होना पड़ा जिसके कारण मण्डी को आने जाने वाले सभी मार्गों पर जाम लग गया और क्षेत्र की यातायात व सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो गई।
जिसकी सूचना पर पहुंचे भरथना नगर पालिका अध्यक्ष अजय यादव गुल्लू, भरथना पुलिस क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान, प्रभारी निरीक्षक देवेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंच कर आक्रोशित आढ़तियों की बात सुनी और उन्हें समझाते हुए बताया यह तरीका ठीक नहीं है और इस प्रकार विरोध आक्रोश भी ठीक नहीं है। भुगतान नहीं देने वाली फर्म और उसके मालिक की शिकायत जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से करें। जिनके सहयोग से आपका भुगतान मिल सके। इस प्रकार आम किसान और जनता को परेशान करना न्याय उचित नहीं है। यह नियम विरुद्ध है, कानून का उल्लंघन है। क्षेत्राधिकारी अतुल प्रधान के समझाने पर गल्ला आढ़तियों का आक्रोश शांत हुआ जिसके बाद करीब साढ़े 4 घंटे चला विरोध प्रदर्शन समाप्त हो सका।









