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February 17, 2026 7:57 am

रमजान के दूसरे जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई, होली पर्व को ध्यान में रखते हुए नमाज का समय बदला गया

इटावा। रमजान उल मुबारक के दूसरे जुमे की नमाज हजारों मुसलमानों ने शहर की विभिन्न मस्जिदों में उत्साह और श्रद्धा के साथ अदा की। इस दौरान मुल्क में शांति और सद्भाव की दुआएं मांगी गईं। होली पर्व को ध्यान में रखते हुए जुमे की नमाज का समय दोपहर 2 बजे निर्धारित किया गया, ताकि मुस्लिम समुदाय के लोग होली के उत्साह में भी बिना किसी व्यवधान के शामिल हो सकें।

 

शहर की विभिन्न मस्जिदों में रोजेदारों, बुजुर्गों, नवयुवकों और बच्चों ने जुमे की नमाज अदा की। महिलाओं ने अपने घरों में नमाज पढ़ी। शाही मस्जिद नोरंगबाद, सिंग्नल वाली मस्जिद, मस्जिद पंजाबियान कटरा शहाब खां, मस्जिद काली कबरें, मस्जिद शाहगंज, मस्जिद जिन्नातों वाली, मस्जिद हिसामुद्दीन, शाही जामा मस्जिद, मस्जिद पक्का तालाब, मस्जिद इस्लामिया बोर्डिंग, मस्जिद अक़्सा रामगंज ढाल, मस्जिद सराय कटरा सेवा कली, मस्जिद बुलाक़ी, मस्जिद कुरैशियान नया शहर, मस्जिद दरगाह वारसी, मस्जिद कटरा पुर्दल खां, मस्जिद गाड़ीपुरा, मस्जिद स्टेशन रोड, मस्जिद रामगंज, मस्जिद पचराहा, मस्जिद शेख जलाल, मस्जिद स्टेशन रोड, मस्जिद गाड़ीपुरा, मस्जिद शाहगंज, मस्जिद जिन्नातों वाली, मस्जिद कचहरी, मस्जिद साबितगंज, मस्जिद मोहल्ला अड़ाड़ स्टेशन रोड सहित अनेक मस्जिदों में रमजान के दूसरे जुमे की नमाज अदा हुई।

 

शिया समुदाय की घटिया अज़मत अली स्थित मस्जिद पंजतनी में भी खुशनुमा माहौल में नमाज अदा की गई। अंजुमन हैदरी कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शावेज़ नक़वी ने बताया कि नमाज के दौरान मुल्क में शांति और एकता की दुआएं मांगी गईं।

 

इस अवसर पर मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा, अल्हाज़ कमर अब्बास नकवी करबलाई, हाजी अरशद मरगूब, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, कौमी तहफ्फुज कमेटी के संस्थापक खादिम अब्बास, तनवीर हसन, सलीम रज़ा, मो. मियां, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद, हाजी गुड्डू मंसूरी, रिज़वान अहमद एड., प्रधानाचार्य गुफ़रान अहमद, मुशीर हैदर, हाजी अजीम वारसी, वाई के शफी, कारी सरफराज आलम, इस्लाम हिन्द पार्टी के जिलाध्यक्ष तस्लीम मंसूरी एड., मोनू बशीर, शारिक सग़ीर शानू, कासिम अंसारी, अब्दुल कुद्दुस, तारिक शम्सी सहित कई गणमान्य लोगों ने नमाज में शिरकत की और अल्लाह से देश में शांति और सद्भाव की प्रार्थना की।

 

इस तरह रमजान के पवित्र महीने में जुमे की नमाज और होली के पर्व को लेकर समन्वय बनाया गया, जो सामाजिक सद्भाव और धार्मिक सहिष्णुता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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