इटावा। रमजान के पवित्र महीने के दूसरे जुमा की नमाज और होली का त्योहार इटावा शहर में बड़े ही शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस दिन दोनों धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ होने के कारण प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके चलते शहर में सांप्रदायिक सद्भाव और एकता का अनूठा नजारा देखने को मिला।
रमजान के दूसरे जुमा की नमाज शहर की विभिन्न मस्जिदों में हजारों मुस्लिम भाइयों ने अदा की। इस दौरान मुल्क में शांति और भाईचारे की दुआएं मांगी गईं। वहीं, हिंदू समुदाय के लोगों ने होली के रंगों में डूबकर इस रंगबिरंगे त्योहार का भरपूर आनंद लिया। शहर में दोनों त्योहारों को लेकर प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरती थी और पुलिस को अलर्ट मोड में तैनात किया गया था।
इटावा के सीओ सिटी ने बताया कि शहर में होली और जुमा की नमाज दोनों ही आयोजन बिना किसी अप्रिय घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा, “प्रशासन ने पहले से ही सभी आवश्यक कदम उठाए थे ताकि दोनों धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जा सकें। शहर के लोगों ने भी पूरा सहयोग दिया, जिसके कारण यह दिन सभी के लिए खुशी और सद्भाव से भरा रहा।”
शहर की प्रमुख मस्जिदों में जुमा की नमाज के दौरान रोजेदारों, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने शिरकत की। महिलाओं ने अपने घरों में नमाज अदा की। वहीं, होली के मौके पर लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और मिठाइयां बांटकर इस त्योहार का आनंद लिया। शहर के विभिन्न इलाकों में होली मिलन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी बनाए रखी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। सीओ सिटी ने आगे कहा कि शहर के लोगों ने भी सहयोग किया और दोनों त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया।
इस तरह इटावा में रमजान के दूसरे जुमा की नमाज और होली का त्योहार बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ, जो शहर की सांप्रदायिक सद्भावना और एकता को दर्शाता है। यह आयोजन सभी के लिए एक संदेश लेकर आया कि भाईचारे और सहिष्णुता के साथ ही हम सभी त्योहारों को मिलजुल कर मना सकते हैं।









