भरथना जिले के भरथना इलाके में हुए किसान हत्याकांड में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश चव्हाण प्रकाश की अदालत ने किसान यादव की हत्या के मामले में दो साधुओं, संजीव यादव और टोनी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, दोनों पर 10,000-10,000 रुपये का खर्च भी आया है।
पूरा मामला क्या है?
यह मामला भरथना के नगला चित्र गांव का है, जहां 22 मार्च 2023 को किसान राजेश यादव की उनके घर में घुसकर हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस वर्स्ट के बाद मृत व्यक्ति की पत्नी राधाकृष्ण यादव ने थाना भरथना में संजीव यादव, टोनी और मनोज यादव के विरुद्ध पेनकेक्स की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस जांच और अदालत का निर्णय
थाना भरथना के प्रभारी निरीक्षक बहादुर सिंह के खिलाफ गहन जांच के बाद दोनों चारों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि इस मामले में कन्विक्शन ऑपरेशन के तहत तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को कोर्ट में दोनों स्टार्स की डेलीगेशन के बाद जज चवन लाइट ने संजीव यादव और टोनी को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों पर 10,000-10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
क्या बोले अधिकारी?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने कहा कि इस निर्णय के लिए एक घटिया संदेश है कि कानून से बचना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन न्याय व्यवस्था के लिए पूरी तरह से अपवित्र है। यह निर्णय किसानों और उनके परिजनों के लिए एक उम्मीद जगाता है कि न्याय व्यवस्था व्यवस्था को उनकी सजा निश्चित रूप से दिलाएगी।”
न्याय का संदेश
इस निर्णय में केवल पीड़ित परिवार को न्याय सहायक नहीं बताया गया है, बल्कि इस समाज के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि कानूनी निर्माताओं को न्याय सहायक नहीं बनाया गया है। किसान यादव की हत्या के मामले में मिली सजा से यह साबित होता है कि न्याय व्यवस्था में राजेश व्यवस्था को उनके कृत्यों की सजा देने में असमर्थ है।
इसी तरह, अपराध के भरथना इलाके में हुए किसान हत्याकांड में अदालत ने न्याय की एक मिसाल कायम की है।









