इटावा, मारपीट के मामले में नाम हटाने के एवज में चौकी इंचार्ज हनुमंतपुरा ने सवा लाख रुपये की मांग की। सौदा पचास हजार में तय हुआ, लेकिन पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी। सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज कपिल भारती को पुलिस चौकी हनुमंतपुरा से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। पकड़े जाने पर दरोगा ने धक्का देकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें गाड़ी में डालकर पहले सहसों थाना ले गई। जब वहां कोई नहीं मिला तो बकेवर थाने लाकर दारोगा से पूछताछ की गई।
घटना का विवरण
मामला थाना हनुमंतपुरा का है, जहां चौकी इंचार्ज कपिल भारती ने मारपीट के मामले में आरोपी का नाम हटाने के एवज में सवा लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने इतनी रकम न होने की बात कही, जिसके बाद सौदा पचास हजार रुपये में तय हुआ। हालांकि, पीड़ित ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत कर दी और टीम ने चौकी इंचार्ज को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई
सोमवार को एंटी करप्शन टीम ने चौकी इंचार्ज कपिल भारती को पुलिस चौकी हनुमंतपुरा से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। पकड़े जाने पर दरोगा ने धक्का देकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उन्हें गाड़ी में डालकर पहले सहसों थाना ले गई। जब वहां कोई नहीं मिला तो बकेवर थाने लाकर दारोगा से पूछताछ की गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई
यह घटना एक बार फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करती है। एंटी करप्शन टीम ने हाल ही में बदायूं में भी एक चौकी इंचार्ज को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस तरह की घटनाएं पुलिस विभाग में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।
निष्कर्ष
इटावा में चौकी इंचार्ज की गिरफ्तारी ने एक बार फिर पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर किया है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग और मजबूत हो गई है।









