इटावा। रमज़ान का पवित्र महीना शुरू हो गया है, मुसलमान रोजे के साथ नमाज़ व कुरान की तिलावत करने में जुट गए हैं। मस्जिदों में तराबीह और मस्जिदों व घरों पर रोजा अफ्तार का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी ने बताया शहर की विभिन्न मस्जिदों में तराबीह का सिलसिला शुरू हो गया है। जगह जगह रोजेदारों को अफ्तार का क्रम भी शुरू होगा। मुस्लिम समाज ने रमजान में रोजे और अफ्तार के लिए बाजार से खरीदारी की। सहरी और अफ्तार के लिए सिवई, बिस्कुट, दूध, दही, फल, खजूर, पापड़ आदि सामान की जमकर खरीददारी हुई। रमजान में मस्जिदों के साथ बाजार भी गुलजार हो गए हैं। शहर में रौनक ही रौनक दिखाई देने लगी है। रमज़ान उल मुबारक में कुरान नाजिल हुआ और रोज़े फर्ज किये गए। रमजान में अल्लाह रोजेदारों की दुआ को कुबूल करता है।
रमजान का महीना बरकतों और रहमतों का महीना है। अल्लाह रमजान में नेकी और जन्नत के दरवाजे खोल देता है और गुनाहों व दोजख के दरवाजे बंद कर देता है। रमज़ान के महीने में रोज़ा रखना अनिवार्य है। रमज़ान इस्लामी कलेंडर का नवां महीना है जिसमें पूरे माह अल्लाह की इबादत की जाती है। ये वो महीना है जिसमें इंसान झूट, फरेब, धोखे और गुनाह से दूर रहता है। पांच वक्त की पाबंदी से नमाज पढ़ता है, रोजे़ रखता है। रमज़ान खुद को पाक करने का महीना है। रमज़ान में रोज़ा रखना, रोज़ेदार की कदर करना, रोज़ेदार का एहतिराम करना भी अल्लाह ने इबादत करार दिया है।









