व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित नें कहा कि केन्द्रीय बजट से ज्यादातर व्यापारियों एंव उघमीयों को निराशा हाथ लगी है, व्यापारियों की मांग थी कि
जीएसटी के विभिन्न सिलेबो को घटाकर अधिकतम तीन किया जाए तथा 28% जीएसटी का स्लैबअत्यधिक होने के कारण समाप्त किया जाए
बड़ती मंहगाई को देखते हुये नकद लेनदेन की सीमा को बढ़कर एक लाख किया जाए
आयकर देने वाले सभी व्यक्तियों को 10 लख रुपए का दुर्घटना बीमा दिया जाए
कंपनियां व पार्टनरशिप फर्म को एक ही टैक्स स्लैब में लाया जाए
जीएसटी से सजा का प्रावधान हटाया जाए
बैंक हॉलिडे कम से काम की जाए जिस व्यापारी सहूलिया से बैंक से अपना काम कर सके
आवश्यक दैनिक इस्तेमाल की वस्तुएं अनाज मसाले दूध उत्पाद व दवाइयां आदि से जीएसटी हटाया जाए
मंडी समिति जैसे अनावश्यक लोकल टैक्सों को समाप्त किया जाए
जीएसटी में रजिस्टर्ड 60 साल से ऊपर के व्यापारीयों पेंशन देने की व्यवस्था की जाए
आयकर दाता व जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी व उसके परिवार के लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर 10 लख रुपए का व्यापारी हेल्थ सुरक्षा कार्ड बनाया जाए परंतु ज्यादातर मांगों को बजट मे नकार दिया गया है









