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February 17, 2026 5:13 pm

महाकुंभ में पति को अघोरी के रूप में देख चौंक गई पत्नी, पटना से 27 साल पहले हुआ था गायब

प्रयागराज।कुंभ मेलों में अक्सर लोगों के बिछड़ने की खबरें सुनी हैं,लेकिन यह खबर इसके ठीक विपरीत है।इस बार का महाकुंभ झारखंड के एक परिवार के लिए वरदान साबित हुआ है।दावा किया जा रहा है कि 27 साल बाद उनके परिवार का बिछड़ा सदस्य मिला है।खोया हुआ सदस्य अघोरी साधु के भेष में है।हालांकि अब वह 65 साल का हो चुका है और उसने अघोरी का रूप धारण कर रखा है।

 

1998 में हुए थे लापता

 

परिवार का कहना है कि 1998 में लापता हुए गंगासागर यादव अब अघोरी साधु बन चुके हैं।इन्हें लोग बाबा राजकुमार के नाम से जानते हैं।उनकी उम्र 65 साल है।गंगासागर 1998 में पटना जाने के बाद अचानक लापता हो गए थे और उनकी कोई खबर नहीं मिल पाई थी। गंगासागर की पत्नी धनवा देवी ने अकेले ही अपने बेटे कमलेश और विमलेश को पाला।गंगासागर के छोटे भाई मुरली यादव ने बताया कि हमने भाई को खोजने की उम्मीद छोड़ दी थी,लेकिन हाल ही में हमारे एक रिश्तेदार ने कुंभ मेले में एक साधु को देखा,जो गंगासागर जैसा दिखता था।उन्होंने उसकी तस्वीर खींचकर हमें भेजी। तस्वीर देखकर हम तुरंत धनवा देवी और उनके दोनों बेटों के साथ कुंभ मेले पहुंचे।

 

बाबा राजकुमार ने दावा नकारा जोड़ा पहनकर आईं टीचर, छात्र से भरवा ली मांग; भरी क्लास में किया ऐसा काम पश्चिम बंगाल के एक सरकारी विश्वविद्यालय में कक्षा में एक छात्र से ‘शादी’ करने का महिला प्रोफेसर का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद बुधवार को जांच के आदेश दिए गए।अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रोफेसर ने हालांकि दावा किया कि यह एक नाटक था जो उनके विषय की पढ़ाई का हिस्सा था।

 

अधिकारियों ने कहा कि यह मामला नादिया जिले के हरिंगहाटा में मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MAKAUT) के मनोविज्ञान विभाग का है।

 

वीडियो में दुल्हन की तरह सजी प्रोफेसर और प्रथम वर्ष के छात्र को कक्षा में ‘सिंदूर दान’ और ‘माला बदल’ (जयमाला) समेत हिंदू बंगाली शादी के विभिन्न रीति-रिवाज निभाते देखा जा सकता है।

 

अधिकारियों ने बताया कि वीडियो के वायरल होने पर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया और प्रोफेसर से स्पष्टीकरण मांगा है।

 

उन्होंने बताया कि प्रोफेसर ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बताया कि यह एक ‘साइको-ड्रामा’ था, जो उनके विषय की पढ़ाई का हिस्सा था और इसमें कुछ भी वास्तविक नहीं है।

 

प्रोफेसर ने दावा किया कि वीडियो केवल विभाग के लिए ही रिकॉर्ड किया गया था और मनोविज्ञान विभाग की छवि को खराब करने के इरादे से इसे ‘लीक’ कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने तक प्रोफेसर को छुट्टी पर जाने के लिए कह दिया गया है।

 

एमएकेएयूटी के कार्यवाहक कुलपति तापस चक्रवर्ती ने कहा, ‘प्रोफेसर ने स्पष्ट किया है कि यह उनके विषय की पढ़ाई का एक हिस्सा था। वीडियो बाहरी प्रसार के लिए नहीं था।’ उन्होंने बताया कि एक समिति मामले की जांच कर रही है जिसमें अन्य विभागों की तीन महिला संकाय सदस्य शामिल हैं।

 

बातचीत में प्रोफेसर ने कहा कि यह फेशर्स पार्टी से जुड़े हुए प्रोजेक्ट की योजना का हिस्सा था और गलत तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि वीडियो को जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए लीक किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वह इस लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती है।

 

उन्होंने कहा, ‘इसे गलत तरीके से दिखाया गया है। यह उस प्रोजेक्ट का हिस्सा था, जिस ड्रामा का हमने फेशर्स पार्टी के लिए प्लान किया था। इसे मेरे खिलाफ साजिश के तहत वायरल किया गया। जिन लोगों ने मुझे बदनाम करने की कोशिश की है, मैं उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराऊंगी

 

परिवार का दावा है कि उन्होंने बाबा राजकुमार के रूप में अपने गंगासागर यादव को पहचाना,लेकिन साधु ने अपनी पुरानी पहचान को पूरी तरह नकार दिया।बाबा राजकुमार खुद को वाराणसी का साधु बताते हुए कहा कि उनका गंगासागर से कोई संबंध नहीं है।उनके साथ मौजूद एक साध्वी ने भी इस बात का समर्थन किया।

 

निशान देखकर परिवार ने किया दावा

 

हालांकि परिवार ने बाबा राजकुमार के शरीर पर मौजूद कुछ विशेष पहचान चिह्नों को आधार बनाकर दावा किया कि वह ही गंगासागर हैं। परिवार ने उनके लंबे दांत, माथे पर चोट के निशान और घुटने पर मौजूद पुराना घाव दिखाते हुए कहा कि यह वही व्यक्ति है।परिवार ने कुंभ मेले की पुलिस से इस मामले में मदद मांगी है और डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है, ताकी व्यक्ति की असली पहचान साबित की जा सके।

 

डीएनए टेस्ट कराने की बात

 

भाई मुरली यादव ने कहा कि हम कुंभ मेले के खत्म होने तक इंतजार करेंगे।अगर जरूरत पड़ी तो डीएनए टेस्ट करवाकर सच्चाई सामने लाएंगे।अगर टेस्ट में हमारा दावा गलत साबित हुआ तो हम बाबा राजकुमार से माफी मांग लेंगे।फिलहाल परिवार के कुछ सदस्य घर लौट चुके हैं, लेकिन कुछ अब भी कुंभ मेले में मौजूद हैं और बाबा राजकुमार पर नजर रख रहे हैं।

 

बता दें कि गंगासागर की गुमशुदगी के बाद उनका परिवार बुरी तरह टूट गया था।उनके बड़े बेटे की उम्र उस समय केवल दो साल थी।अब यह देखना बाकी है कि क्या डीएनए टेस्ट से सच सामने आएगा या यह परिवार वाकई किसी गलतफहमी का शिकार हो गया है।

Mohammed irfan
Author: Mohammed irfan

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