मुजफ्फरनगर।प्रयागराज में संगम तट पर 13 जनवरी से विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है।महाकुम्भ में इस बार लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। महाकुम्भ में श्रध्दालुओं को संगम नगरी तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।महाकुम्भ को लेकर यूपी परिवहन ने कमर कस ली है।मुख्यालय चालक-परिचालकों के लिए महाकुंभ विशेष प्रोत्साहन योजना लाया है।इसमें बस दौड़ाओ और इनाम पाओ के तहत डिपो से बसों का संचालन होगा।मुख्य गंगा स्नान को लेकर अधिकारियों को सतर्क किया गया है। योजना में एक चालक-परिचालक को कम से कम 300 किलोमीटर तक बसों को संचालित करना होगा।
एआरएम प्रभात सिन्हा ने बताया कि महाकुंभ मेला को लेकर रोडवेज डिपो से 130 बसें मांगी गई हैं।इसी तरह से खतौली डिपो से भी बसें जाएंगी।यह बसें गंगा स्नान से पूर्व प्रयागराज जाएंगी,जिससे यात्रियों के साथ श्रद्धालुओं की राह आसान हो सके।इसके साथ ही चालक-परिचालक और कर्मचारियों के लिए भी महाकुंभ मेला में व्यवस्था बनाने के लिए प्रोत्साहन योजना लागू होगी। सिन्हा ने बताया कि इसमें नियम और शर्ते तय की गई है। इनके अधीन कार्य करने वाले चालक-परिचालक,कर्मचारियों को वेतन के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
प्रभात सिन्हा ने बताया कि 26 जनवरी से पांच फरवरी तक कुल 11 दिवस की मुख्य महाकुंभ मेला अवधि में ऐसे चालक-परिचालक जिनके द्वारा 300 किलोमीटर या इससे अधिक का औसत प्रतिदिन का संचालन मेला की बसों में किया जाएगा। उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से प्रोत्साहन मिलेगा।
बता दें कि 11 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 3300 किमी तक संचालन पर 2200 रुपये,9 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 2700 किमी तक संचालन पर 1800 रुपये,7 दिन की ड्यूटी एवं न्यूनतम 2100 किमी तक संचालन पर 1400 रुपये,मेले में नियमित ड्यूटी करने पर कर्मी को 200 प्रतिदिन के हिसाब से प्राेत्साहन राशि मिलेगी।









