इटावा स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिना वैध परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे निजी स्कूल वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। शासन के कड़े निर्देशों के अनुपालन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) इटावा ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन स्कूल संचालकों या वाहन स्वामियों ने अभी तक अपने वाहनों का ऑनलाइन परमिट प्राप्त नहीं किया है, उनके विरुद्ध न केवल चालान की कार्रवाई की जाएगी, बल्कि वाहनों को सीधे सीज कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गुरुवार को आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता में एआरटीओ प्रशासन ने जनपद की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा देते हुए बताया कि जिले में कुल 800 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 672 वाहनों ने स्वयं को यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर ऑनबोर्ड कर लिया है। विभाग द्वारा अब तक 654 वाहनों का सघन निरीक्षण किया जा चुका है और उनमें पाई गई कमियों से संबंधित स्वामियों को अवगत करा दिया गया है। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि जनपद में अभी भी 175 स्कूल वाहन ऐसे हैं जो बिना किसी वैध परमिट के संचालित हो रहे हैं। इन वाहन स्वामियों को बार-बार सूचित किए जाने के बावजूद उन्होंने परमिट प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई है, जिसे विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना है।
परिवहन विभाग ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान पकड़े जाने वाले बिना परमिट वाहनों का पंजीकरण निलंबित या निरस्त कर दिया जाएगा। विभाग ने सभी स्कूल संचालकों और वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी अप्रिय कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तत्काल पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी करें और वैध स्कूल परमिट प्राप्त करें। विभाग ने साफ किया है कि अब किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सड़कों पर चेकिंग अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया है ताकि मासूम बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित सुनिश्चित किया जा सके।











